पूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने पुष्टि की है कि पिछले साल 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारत का एक लोइटरिंग म्यूनिशन गलती से पाकिस्तान के किराना हिल्स स्थित परमाणु केंद्र से टकरा गया था। उन्होंने बताया कि संभवतः इजरायली निर्मित 'हारोप' ड्रोन सरगोधा के पास रडार लक्ष्यों की तलाश के दौरान ईंधन खत्म होने के कारण पहाड़ियों में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।
जनरल चौहान ने स्पष्ट किया कि यह परमाणु स्थल पर कोई जानबूझकर किया गया हमला नहीं था। उन्होंने कहा कि ड्रोन को लगभग दो घंटे तक हवा में रहने के लिए डिजाइन किया गया था और लक्ष्य न मिलने पर वह अनियंत्रित होकर वहां गिर गया। इसके अलावा, उन्होंने खुलासा किया कि भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के स्कार्दू में हमले की योजना बनाई थी, लेकिन खराब मौसम के कारण उसे रद्द करना पड़ा। बाद में 10 मई को हुए हवाई अभियान में भोलारी स्थित एक हैंगर को निशाना बनाया गया, जिसे सटीक नुकसान पहुंचा था।



