तमिलनाडु विधानसभा में विधायक सिंधु ने मांग की है कि राज्य के आरक्षित निर्वाचन क्षेत्रों को 'आरक्षित' (तनीथोकुथी) के बजाय 'विशेष निर्वाचन क्षेत्र' या 'अधिकार निर्वाचन क्षेत्र' के रूप में संबोधित किया जाना चाहिए। उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि शब्दों का प्रभाव गहरा होता है और वे किसी को नीचा दिखा सकते हैं या प्रोत्साहित कर सकते हैं।
विधायक की इस मांग पर विधानसभा अध्यक्ष ने आश्वासन दिया है कि वे इस विषय को मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाएंगे और इस पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

