वन्नियार समुदाय के लिए 10.5 प्रतिशत आरक्षण के मुद्दे पर तमिलनाडु की प्रमुख राजनीतिक पार्टियों डीएमके और एआईएडीएमके के बीच विवाद गहरा गया है। मंत्री ई.वी. वेलु ने कहा कि डीएमके सरकार इस आरक्षण को बिना किसी कानूनी अड़चन के लागू करने के पक्ष में है। उन्होंने याद दिलाया कि 10.5 प्रतिशत आरक्षण की घोषणा एआईएडीएमके शासनकाल के दौरान की गई थी।
इस पर पलटवार करते हुए एआईएडीएमके के पूर्व मंत्री सी.वी. षणमुगम ने आरोप लगाया कि डीएमके प्रमुख एम.के. स्टालिन के बहनोई ने ही वन्नियार आरक्षण के खिलाफ अदालत में याचिका दायर की थी। उन्होंने डीएमके से आग्रह किया कि इस आरक्षण के लिए संघर्ष करने वालों का अपमान न किया जाए।


