पुणे के 43 वर्षीय आईटी पेशेवर जितेंद्र पाटिल नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई भीषण बाढ़ के बाद से लापता हैं। पाटिल उन 60 भारतीय पर्यटकों के समूह में शामिल थे, जो मुंबई के पर्वतारोही मिलिंद चितले के नेतृत्व में कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे। यह यात्रा 23 अगस्त को शुरू हुई थी और 6 सितंबर को समाप्त होनी थी।
पाटिल की पत्नी पल्लवी ने बताया कि उनकी आखिरी बार बुधवार सुबह 7:00 बजे व्हाट्सएप कॉल पर बात हुई थी, जब समूह तिमुरे के पास नेपाल-चीन सीमा की ओर बढ़ रहा था। सुबह 8:07 बजे के बाद से उनका मोबाइल बंद है और परिवार का उनसे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है।
मुंबई निवासी चेतना गुप्ता सहित अन्य लापता पर्यटकों के परिजनों ने सरकार और टूर ऑपरेटरों से जानकारी न मिलने पर नाराजगी जताई है। इस समूह की स्थानीय व्यवस्था 'रिचा टूर्स प्राइवेट लिमिटेड' द्वारा की गई थी और अधिकारी फिलहाल लापता लोगों का पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं।



