एडीपी (ADP) रिसर्च इंस्टीट्यूट की एक रिपोर्ट के अनुसार, बिना वेतन के अतिरिक्त काम करने के मामले में भारत वैश्विक स्तर पर पहले स्थान पर है। भारत में लगभग 24 प्रतिशत कर्मचारी ऐसे हैं जो सप्ताह में कम से कम 6 घंटे बिना किसी पारिश्रमिक के काम करते हैं। इसके अलावा, सप्ताह में 16 घंटे से अधिक समय तक बिना वेतन काम करने वालों की संख्या के मामले में भी भारत शीर्ष पर बना हुआ है।
इस अतिरिक्त कार्यभार के कारण कर्मचारियों को अपने अवकाश के समय में भी काम करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। इसका सीधा असर उनके मानसिक स्वास्थ्य और कार्यक्षमता पर पड़ रहा है, जिससे तनाव बढ़ रहा है और कर्मचारी नई नौकरी की तलाश करने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि इस समस्या से उच्च प्रबंधन से लेकर निचले स्तर के कर्मचारी तक सभी प्रभावित हो रहे हैं।




