दिल्ली हाईकोर्ट ने सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत ढहने की घटना, जिसमें सात लोगों की मौत हो गई थी, की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। अदालत ने नगर निगम (MCD) को यह पता लगाने का निर्देश दिया है कि क्या इमारत के पास वैध अनुमति थी और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय करने को कहा है। इस घटना के बाद MCD ने अपने दक्षिण क्षेत्र के उपायुक्त और चार इंजीनियरों को निलंबित कर दिया है, जबकि संपत्ति से जुड़े तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
अदालत ने राजधानी में सभी पेइंग गेस्ट (PG) आवासों का तत्काल सुरक्षा ऑडिट करने का निर्देश दिया है ताकि भवन उपनियमों और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित हो सके। मुख्य न्यायाधीश ने पीजी सुविधाओं के अनियमित होने पर सवाल उठाते हुए सरकार से इनके आकार, बिजली और संरचनात्मक सुरक्षा के लिए कड़े नियम बनाने को कहा है। साथ ही, भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए केंद्र, दिल्ली सरकार और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से रिपोर्ट मांगी गई है। मामले की अगली सुनवाई 26 सितंबर को होगी।



