जेम ग्रेनाइट्स के चेयरमैन आर. वीरमणि के खिलाफ दर्ज मामलों की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) से डीसीपी (महिला एवं बाल अपराध) वी.वी. गीतांजलि ने खुद को अलग करने का अनुरोध किया है। उन्होंने अपना यह आग्रह एसआईटी प्रमुख पी.सी. थेनमोझी और चेन्नई पुलिस आयुक्त ए. अमलराज को भेज दिया है। डीजीपी महेश कुमार अग्रवाल द्वारा 24 सितंबर को गठित इस चार सदस्यीय महिला एसआईटी में गीतांजलि के अलावा डीआईजी एन. दिशा मित्तल और एसपी जे. मुथरासी भी शामिल हैं।
गीतांजलि ने अपने पिछले कार्यकाल के दौरान इस मामले से जुड़े होने का हवाला देते हुए यह कदम उठाया है। वह पहले सेंट्रल क्राइम ब्रांच (सीसीबी) में डीसीपी के पद पर तैनात थीं और तत्कालीन पुलिस आयुक्त ए. अरुण के सीधे पर्यवेक्षण में इस मामले की जांच से जुड़ी थीं। विशेष पॉक्सो अदालत द्वारा एंटी-वाइस स्क्वाड (एवीएस) की क्लोजर रिपोर्ट खारिज किए जाने के बाद एवीएस ने 29 अगस्त को वीरमणि और उनके दो सहयोगियों को गिरफ्तार किया था। फिलहाल गीतांजलि व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए छुट्टी पर चली गई हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, वर्तमान में किलपॉक पुलिस जिले में तैनात डीसीपी गीता को एसआईटी में गीतांजलि की जगह शामिल किए जाने की संभावना है। इस संबंध में पुलिस मुख्यालय से जल्द ही औपचारिक आदेश जारी होने की उम्मीद है।


