तमिलनाडु वेत्री कझगम (तवेगा) ने डीएमके के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें कहा गया था कि जीएसटी राजस्व में 5 प्रतिशत की गिरावट आई है और यह राज्य सरकार की प्रशासनिक विफलता है। पार्टी ने आरोप लगाया कि डीएमके केवल कुल जीएसटी राजस्व के आंकड़ों को तोड़-मरोड़कर पेश कर रही है ताकि जनता को गुमराह किया जा सके।
तवेगा ने वित्त सचिव के स्पष्टीकरण का हवाला देते हुए कहा कि तमिलनाडु को मिलने वाला वास्तविक 'पोस्ट-सेटलमेंट' जीएसटी राजस्व वास्तव में 16.1 प्रतिशत बढ़ा है। पार्टी ने कहा कि इस आंकड़े से यह स्पष्ट हो गया है कि आर्थिक मंदी और प्रशासनिक विफलता के आरोप केवल राजनीतिक द्वेष से प्रेरित हैं और पूरी तरह से बेबुनियाद हैं।


