भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को भारी बिकवाली देखी गई, जिससे सेंसेक्स 1,045.46 अंक लुढ़ककर 71,593.24 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी भी 371.25 अंक गिरकर 22,231.80 पर आ गया, जबकि कारोबार के दौरान यह 22,179 के 52-सप्ताह के निचले स्तर तक पहुंच गया था। बाजार के सभी प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए, जिसमें निफ्टी मेटल सेक्टर में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों की आक्रामक बिकवाली, ब्रेंट क्रूड की कीमतों में उछाल के साथ 104 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचना और भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रेपो रेट में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी कर इसे 5.50 प्रतिशत करना इस गिरावट के मुख्य कारण हैं। मौद्रिक नीति में सख्ती के कारण निवेशकों में तरलता और बढ़ती उधारी लागत को लेकर चिंता बढ़ गई है।
तकनीकी रूप से बाजार की स्थिति कमजोर बनी हुई है और निफ्टी अपने पिछले निचले स्तरों को फिर से परख रहा है। आईटी शेयरों ने कुछ हद तक मजबूती दिखाई, लेकिन मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में 2 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई। इसके अलावा, डॉलर की मजबूती और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की संभावनाओं के बीच सोने और चांदी की कीमतों में भी दबाव देखा गया।

