केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में नई दिल्ली में आयोजित 57वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक में महत्वपूर्ण प्रवर्तन और प्रक्रियात्मक सुधारों को मंजूरी दी गई है। काउंसिल ने कुछ विशिष्ट मामलों में जीएसटी अधिकारियों की गिरफ्तारी की शक्तियों को हटाने और अभियोजन की सीमा को 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा, छोटे ई-कॉमर्स विक्रेताओं के लिए पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाया गया है, जिससे उन्हें अब हर राज्य में भौतिक कार्यालय स्थापित करने की आवश्यकता नहीं होगी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट किया कि ये सभी सुधार 1 अप्रैल 2027 से लागू किए जाएंगे। बैठक में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों, उप-मुख्यमंत्रियों और वरिष्ठ वित्त अधिकारियों ने भाग लिया, जिसमें एमएसएमई और ई-कॉमर्स व्यवसायों के लिए अनुपालन बोझ को कम करने पर जोर दिया गया। वर्तमान जीएसटी दर ढांचे में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
काउंसिल ने इनपुट टैक्स क्रेडिट प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने और करदाताओं के लिए अनुपालन संबंधी कठिनाइयों को कम करने के उपायों पर भी चर्चा की। इन सुधारों का मुख्य उद्देश्य छोटे कर विवादों में आपराधिक कार्यवाही को कम करना और व्यवसायों को राहत प्रदान करना है, ताकि एक अधिक स्थिर कर वातावरण तैयार किया जा सके।


