आयुध पूजा और विजयदशमी की छुट्टियों के मद्देनजर चेन्नई से चलने वाली निजी बसों (ओमनी बस) के किराए में छह से आठ गुना तक की भारी वृद्धि देखी गई है। सरकारी बसों के मुकाबले ये किराए 12 से 14 गुना तक अधिक हैं। 19 अक्टूबर से शुरू हो रही चार दिनों की छुट्टियों के कारण बड़ी संख्या में लोग अपने गृह नगरों की ओर रुख कर रहे हैं, जिसका असर टिकटों की कीमतों पर पड़ा है।
ओमनी बस ओनर्स एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि इन कीमतों में बढ़ोतरी के लिए वे जिम्मेदार नहीं हैं। एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के अनुसार, एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म द्वारा किराए को 99 रुपये से लेकर 10,000 रुपये तक निर्धारित करने के कारण यह स्थिति पैदा हुई है, जिससे यात्री और बस संचालक दोनों प्रभावित हो रहे हैं। एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि इन प्लेटफॉर्मों को विनियमित किया जाए और किराए की न्यूनतम व अधिकतम सीमा तय की जाए।
यात्री किराए से संबंधित आधिकारिक जानकारी एसोसिएशन की वेबसाइट पर देख सकते हैं। यदि किसी ऑपरेटर द्वारा अत्यधिक किराया वसूला जाता है, तो इसकी शिकायत एसोसिएशन के निर्दिष्ट फोन नंबर या ईमेल पते पर की जा सकती है।


