कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता आशुतोष रांका और सौरव दास ने सात दिन की न्यायिक हिरासत से रिहाई के बाद जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन न करने का लिखित आश्वासन दिया है। बुधवार को नई दिल्ली की विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट अदालत में पेश हुए दोनों नेताओं ने सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने और संवैधानिक नियमों का पालन करने का वचन दिया है। जंतर-मंतर को आधिकारिक तौर पर विरोध प्रदर्शन क्षेत्र की सूची से हटा दिया गया है, जिसके कारण वहां प्रदर्शन करने पर रोक जारी रहेगी।
मजिस्ट्रेट ने दोनों नेताओं को 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके और जमानत राशि जमा करने पर रिहा करने का आदेश दिया। हालांकि, उनके खिलाफ जांच जारी है और मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार को होगी। ये दोनों नेता 14 अक्टूबर से हिरासत में थे, जब उन्होंने प्रतिबंधित क्षेत्र के गेट फांदकर प्रदर्शन किया था। इससे पहले दिल्ली उच्च न्यायालय ने भी चेतावनी दी थी कि अनधिकृत प्रदर्शनों से कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है।
सीजेपी मतदाता सूची संशोधन में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेंद्र कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है। अभियोजन पक्ष ने अदालत से दोनों नेताओं की हिरासत तीन दिन और बढ़ाने का अनुरोध किया था, जिसे स्वीकार नहीं किया गया।



