सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से सवाल किया है कि काम के सिलसिले में एक या दो महीने के लिए बाहर गए लोगों को स्थायी रूप से स्थानांतरित मानकर उनका नाम मतदाता सूची से कैसे हटाया जा सकता है। अदालत ने इस बात पर भी कड़ी आपत्ति जताई कि सूची से हटाए गए लोगों को दोबारा मताधिकार पाने के लिए 'फॉर्म 6' भरने के लिए क्यों मजबूर किया जा रहा है।
अदालत ने इस मामले पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे पात्र मतदाताओं को फिर से सूची में शामिल करने के लिए तत्काल उचित कदम उठाएं। मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने यह सख्त रुख अपनाया है।



