केरल विधानसभा ने वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक नया विधेयक पारित किया है। इस कानून के तहत बुजुर्गों को प्रताड़ित करने, उन्हें घर से निकालने या उनकी संपत्ति हड़पने जैसे अपराधों में दोषी पाए जाने पर तीन साल की कैद और 50,000 रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। साथ ही, बिना उचित अनुमति के वृद्धाश्रम या देखभाल केंद्र चलाने वालों को एक साल की जेल की सजा दी जाएगी।
इस बीच, केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीसन ने घोषणा की है कि राज्य में वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक अलग मंत्रालय का गठन किया जाएगा।


