पी.टी. अरसकुमार पर अधिकारियों और राजनेताओं को रिश्वत देने के नाम पर जनता से 100 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली करने का आरोप लगा है। अदालत में अंबिल महेश के पक्ष ने तर्क दिया कि अरसकुमार ने स्कूलों के लिए उचित अनुमति प्राप्त किए बिना ही लोगों से ठगी की है।
अदालत में यह सवाल भी उठाया गया कि रिश्वत देने की बात स्वीकार करने वाले लोगों के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई है। अंबिल महेश के वकीलों ने यह भी दावा किया कि अरसकुमार के खिलाफ पहले गुंडा एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था, लेकिन अब उस मामले की प्रकृति ही बदल दी गई है।

