नेपाल और तिब्बत में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के कारण कम से कम 270 लोगों की मौत हो गई है, जबकि सैकड़ों लोग अभी भी लापता हैं। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार, ग्लेशियर के ढहने से उत्पन्न भूकंपीय गतिविधि और मलबे के बहाव के कारण भोटे कोशी और त्रिशूली नदियों के किनारे भारी तबाही हुई है। नेपाल में 826 और तिब्बत में 558 लोग लापता बताए जा रहे हैं।
लापता लोगों में भारत, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और ब्रिटेन सहित कई देशों के नागरिक शामिल हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, लगभग 100 भारतीय नागरिकों का पता चल गया है, जबकि 280 से अधिक भारतीयों से अभी भी संपर्क नहीं हो पाया है। राहत कार्यों के लिए भारत ने 47 टन से अधिक मानवीय सहायता सामग्री भेजी है, जिसमें दवाएं और भोजन शामिल हैं। वहीं, अमेरिका ने 5,00,000 डॉलर की आपातकालीन सहायता देने का वादा किया है। इस बीच, बिहार और उत्तर प्रदेश में गंडक नदी बेसिन के पास बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है।


