AIADMK विधायकों के इस्तीफे को स्वीकार करने के विधानसभा अध्यक्ष के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर मद्रास हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई है। सुनवाई के दौरान AIADMK के व्हिप अग्री कृष्णमूर्ति की ओर से पेश वकीलों ने तर्क दिया कि विधायकों ने इस्तीफा देने के कुछ ही मिनटों बाद एक मंत्री से मुलाकात की और उनके साथ शामिल हो गए।
याचिकाकर्ता पक्ष ने अदालत में दलील दी कि विधानसभा अध्यक्ष द्वारा की जाने वाली जांच केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि एक संवैधानिक कर्तव्य है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में कोई सार्थक जांच नहीं की गई। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मद्रास हाईकोर्ट ने इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
