सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि कम बारिश की स्थिति में पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने का आदेश नहीं दिया जा सकता है। अदालत ने कहा कि सूखे के दौरान पानी के बंटवारे को लेकर अंतिम निर्णय लेने का अधिकार केवल प्रबंधन प्राधिकरण के पास है।
तमिलनाडु सरकार ने अदालत में तर्क दिया था कि सूखे के कारण उन्हें 11 टीएमसी पानी की कमी का सामना करना पड़ रहा है। इस आधार पर राज्य सरकार ने अपनी मांग रखी थी। हालांकि, न्यायाधीशों ने स्पष्ट किया कि सूखे के समय बांधों में उपलब्ध पानी की मात्रा का आकलन कर आनुपातिक आधार पर ही पानी छोड़ा जाना चाहिए और यही प्रक्रिया अपनाना उचित है।


