दिल्ली में पॉक्सो अधिनियम के तहत दर्ज एक मामले में न्यायपालिका के इतिहास में पहली बार एक न्यायाधीश ने पीड़िता को पत्र लिखकर उसके साहस की सराहना की है। वर्ष 2023 में हुए यौन उत्पीड़न के मामले में अदालत ने पीड़िता के चाचा को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि दोषी को कभी भी जेल से बाहर नहीं आना चाहिए और उसे अपना शेष जीवन जेल में ही बिताना होगा।
न्यायाधीश प्रतिभा ने पीड़िता को भेजे अपने पत्र में लिखा, 'तुम्हारे साहस को यह अदालत हमेशा याद रखेगी।' इसके अतिरिक्त, अदालत ने पीड़िता को मुआवजे के रूप में 10.50 लाख रुपये देने का भी आदेश दिया है।
